"संवाद" द्वारा संतश्री शिवोहम् भारती "रोटी वाले बाबा" का सम्मान
आज दिनांक 27 दिसंबर 2020 का यह दिन लोकभाषा, कला, साहित्य एवं संस्कृति के लिए समर्पित संस्था *संवाद शोध संस्थान ग्राम-गोंदिया, जिला उज्जैन के लिए परम सौभाग्य का दिन है कि उन्हें ऐसे परम विभूति, एक रोटी वाले बाबा के नाम से विख्यात परमपूज्य स्वामी श्री शिवोऽहम् भारती जी महाराज का सम्मान करने व संस्धान के सदस्यों को उनके सानिध्य में बैठकर काव्य पाठ करने, उन्हें सम्मानित करने तथा पुण्याशीष लेने का अवसर मिला |
*ध्यान मूलं गुरुमूर्ति, पूजा मूलं गुरोर्पदम् |
मंत्र मूलं गुरोर्वाक्यं, मोक्ष मूलं गुरोर्कृपा ||*
निश्चित रूप से प्रभु की कृपा के बिना संतो के दर्शन होना संभव नहीं है और फिर इस कलिकाल में ऐसे संतों का जो निस्वार्थ भाव से सृष्टि के कल्याण में अपना जीवन समर्पित कर रहे हो का मिलना ईश्वर की परम अनुकम्पा है |
नमः शिवाय मिशन ट्रस्ट शिव कोठी ओमकारेश्वर जिला खंडवा मध्य प्रदेश के संस्थापक सेवाध्यक्ष परम पूज्य स्वामी संतश्री शिवोहम् भारती जी, जो कि स्वयं 7 भाषाओं के ज्ञान के साथ लोकभाषा व बोलियों के जानकार हैं | स्वयं की प्रकाशित अनेक काव्य कृतियॉ हैं | ऐसे परमार्थवादी दृष्टिकोण रखने वाले संतश्री के सानिध्य बैठने का अवसर संस्थान केे संगठन सचिव कविश्री अनिल पॉचाल जी "सेवक" के सेवाभावी भावना से प्राप्त हुआ |
संतश्री शिवोऽहम स्वामी के सानिध्य व व्यासपीठ के गौरव परम आदरणीय श्री गोविन्द जी कश्यप (कथावाचक) के मुख्य आतिथ्य में सूत्रधार कविश्री अनिल पांचाल "सेवक" के संयोजन में आयोजित इस काव्य गोष्ठी में युवा कलमकार एवं उसके सशक्त हस्ताक्षर कविश्री हाकम पांचाल अनुज ने संचालन किया | काव्यगोष्ठी के अंत में स्वामी जी ने अपने अध्यक्षीय उदद्बोधन के अंतर्गत हिंदी, अंग्रेजी, मराठी, संस्कृत व उड़िया भाषा में अपनी रचनाएं सुनाई ! साथ ही स्वामी जी ने बेहद सहज-सरल अंदाज में, चार-पॉच भाषाओं में उपस्थित कवियों का स्वागत कर आश्रम का स्मृति चिन्ह तथा रूद्राक्ष की माला, पुस्तकें भेंट कर स्वागत किया !
अंत में संवाद शोध संस्थान की और से डॉ. राजेश रावल "सुशील" और संस्था सदस्यों ने संतश्री शिवोऽहम भारती जी को संस्था का स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र, पत्रिका आदी भेंट कर सम्मान किया ! इस अवसर पर डॉ. राजेश रावल "सुशील", श्री गोरीशंकर उपाध्याय, श्री अनील जी पॉचाल, श्री नंद किशोर पॉचाल, श्रीमति आरती पॉचाल, कु.मोनिका पॉचाल और अनुज पांचाल जी ने काव्यपाठ किया | आभार कवि श्री नन्दकिशोर पांचाल ने माना ||
नन्दकिशोर पाँचाल
संपर्क - 93007 10014